कालसर्प दोष के बारे में संपूर्ण जानकारी


Posted February 25, 2021 by chittaranjan77

कुण्डली में कालसर्प योग है या नहीं इस बात का पता आपकी कुण्डली में ग्रहों की स्थिति देखकर पता चलता है लेकिन कई बार जन्म समय एवं तिथि का सही नहीं होने पर कुण्डली ग़लत हो जाती है.

 
कुण्डली में कालसर्प योग है या नहीं इस बात का पता आपकी कुण्डली में ग्रहों की स्थिति देखकर पता चलता है लेकिन कई बार जन्म समय एवं तिथि का सही नहीं होने पर कुण्डली ग़लत हो जाती है. इस तरह की स्थिति होने पर कालसर्प योग आपकी कुण्डली में है या नहीं इसका पता कुछ विशेष लक्षणो से पता चल सकता है.

कालसर्प योग के लक्षण कौनसे है?
कालसर्प योग कुण्डली में होने पर पीड़ित को स्वप्न में मरे हुए लोग आते हैं. मृतकों में अधिकांशत परिवार के ही लोग होते हैं. कालसर्प योग से प्रभावित व्यक्ति को सपने में अपने घर पर परछाई दिखाई देती है. व्यक्ति को ऐसा लगता है की मानो कोई उसका शरीर और गला दबा रहा है तथा सपने में नदी, तालाब, समुद्र आदि दिखाई देना भी कुण्डली में कालसर्प योग होने के लक्षण हैं.
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार कालसर्प योग से प्रभावित व्यक्ति समाज एवं परिवार के प्रति समर्पित होता है वे अपनी निजी इच्छा को प्रकट नहीं करते और न ही उन्हें अपने सुख से अधिक मतलब होता है. इनका जीवन संघर्ष से भरा होता है. अकेलापन महसूस होना और जीवन बेकार लगना ये सभी कालसर्प योग के लक्षण हैं. अगर आपको इस प्रकार की स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है तो संभव है कि आप कालसर्प योग से पीड़ित हैं. कालसर्प की पीड़ा को कम करने के लिए इसका निवारण कराएं.


कालसर्प पूजा त्र्यंबकेश्वर

कालसर्प योग क्या है?
कर्मों के फल की बात सभी शास्त्र और धर्म में बतायी गयी है. हम जैसा कर्म करते है उसी के अनुरूप हमें फल मिलता है. कालसर्प योग के पीछे भी यही मान्यता और धारणा है. मान्यताओं के अनुसार कालसर्प योग उस व्यक्ति की कुण्डली में बनता है जिसने पूर्व जन्म में सांप को मारा हो या किसी बेकसुर जीव को सताया हो. यह भी माना जाता है कि जब व्यक्ति की इच्छा अधूरी रह जाती है तब व्यक्ति अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए पुनर्जन्म लेता है और ऐसे व्यक्ति को भी कालसर्प योग का सामना करना होता है.

कालसर्प दोष क्या है?
जब कुण्डली में राहू और केतु के बीच में सभी ग्रह फस जातें हें तब 'कालसर्प' योग बन जाता हैं. यहि से जीवन में तकलिफें शुरु होती हैं.

कालसर्प शांती क्यों करनी चाहिये?
हमे पता चलता है की हमे 'कालसर्प दोष' है, मगर हम इसको नजरअंदाज करते है और तकलिफें बढती जाती हैं. जीवन मे सफलता पानें के लिये, दुनिया मे अपना नाम कमाने के लिये, पहचान बनाने के लिये, अपनी ई्च्छा - मनोकामना पुर्ण करने के लिये कालसर्प शांती पूजा करनी चाहिये.

कालसर्प शांती कौन कर सकता है?
जिस व्यक्ति के कुण्डली में कालसर्प योग है, उसे खुद पूजा में बैठना होता है. अगर बहुत ही छोटे बच्चे की कुण्डली में कालसर्प योग है तो उसके माता-पिता यह शांती पूजा कर सकते है.

कालसर्प शांती करने के लाभ क्या है?
कालसर्प शांती करने से हमें नागों के कुलोंका आशीर्वाद मिलता हैं. साथ में राहु - केतू पूजन करने से सफलता के द्वार खुल जाते हैं, लक्ष्मी कि प्राप्ति होति है, शापित लक्ष्मी से मुक्ति मिलती है,अपना पैसा सहि जगह पे खर्च होने लगता हैं, मन से डर खत्म होता हैं, मन को प्रसन्नता मिलति हैं, मन मे अच्छे विचार आने से सोच बदलती हैं, समाज में इज्जत मिलती है, काम धंदे मे सफलता मिलती है, पारिवारीक संबंध सुधरने लगते हैं, भूतबाधा, पिशाचबाधा से हमारी रक्षा होती है. माता - पिता, बडे बुजुर्ग लोगों की अपने हाथ से सेवा होने लगती है, नाग पूजा से नाग के प्रति डर खत्म होने लगता है, बूरी नजर उतर जाती है,अच्छा आरोग्य मिलता है, जीवन मे हर काम में गती मिलने से जीवन सफल हो जाता है.

kalsarpapooja.in
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Issued By Kalsarpa shanti Trimbakeshwar
Country India
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Tags कालसर्प शांती , कालसर्प पूजा , कालसर्प पूजा त्रिंबकेश्वर , कालसर्प योग , कालसर्प पूजा विधी , कालसर्प पूजा स्थल
Last Updated February 25, 2021